गाज़ीपुर में मानवता की मिसाल: बिरनो पुलिस की तत्परता से बची नवजात की जान, पूरे इलाके में प्रशंसा की लहर
रिपोर्ट सुनील गुप्ता
गाज़ीपुर।
गाज़ीपुर ज़िले में मंगलवार को इंसानियत का एक ऐसा उदाहरण देखने को मिला जिसने यह साबित कर दिया कि खाकी वर्दी सिर्फ कानून की रखवाली नहीं करती, बल्कि ज़िंदगी की भी हिफाज़त करती है। बिरनो थाना क्षेत्र में पुलिस की समय रहते की गई त्वरित कार्रवाई ने एक नवजात शिशु की जान बचा ली। यह मानवीय पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस
मंगलवार की शाम करीब 4:30 बजे डायल 112 हेल्पलाइन पर सूचना मिली कि बिरनो थाना क्षेत्र के एक गांव में सड़क किनारे एक अज्ञात नवजात शिशु पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना किसी विलंब के मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने देखा कि नवजात लगातार रो रहा था और उसकी हालत नाजुक होती जा रही थी।


पुलिस ने दिखाया इंसानियत का चेहरा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत डायल 112 वाहन से नवजात को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिरनो पहुंचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई एक मासूम की जान बचाने में मील का पत्थर साबित हुई।
कानूनी प्रक्रिया के तहत सौंपा गया नवजात
बिरनो पुलिस ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इस घटना की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को दी। थोड़ी ही देर में हेल्पलाइन टीम सीएचसी बिरनो पहुंची, जहां पुलिस ने नवजात को सुरक्षित रूप से उनके सुपुर्द कर दिया।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
इस मानवीय कार्य की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर पुलिस समय पर मौके पर न पहुंचती तो शायद नवजात की जान नहीं बच पाती। लोगों ने पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
अधिकारियों ने की प्रशंसा
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी डायल 112 टीम की सराहना की और कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं।





