गाजीपुर/जखनियां:
होली का त्योहार जहां एक ओर आपसी भाईचारे और रंगों की मिठास का संदेश देता है, वहीं इस बार जखनियां क्षेत्र के रामपुर बलभद्र गांव में आयोजित “होली मिलन समारोह” ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।
यह आयोजन अब केवल अबीर-गुलाल तक सीमित नहीं, बल्कि ग्राम प्रधान पद की दावेदारी का खुला मंच बनता नजर आ रहा है।
पोस्टर में भले ही इसे होली मिलन और प्रीतिभोज का नाम दिया गया हो, लेकिन गांव की गलियों में चर्चा कुछ और ही है। लोग इसे आने वाले पंचायत चुनाव का “ट्रायल शो” मान रहे हैं।
जहां आयोजक संजय सिंह ‘पिंटू’ अपने समर्थकों के बीच ताकत और प्रभाव का प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जखनिया सत्येंद्र प्रताप सिंह (मसाला) पूर्व प्रधान सत्येंद्र सिंह , मिथिलेश सिंह (भुल्लन), अवधेश कुमार,पंकज सिंह,इंदल सिंह, कमलाकर सिंह (झाब्बू )और गांव के सभी समर्थको के नाम और बड़े पैमाने पर को आमंत्रण देना इस बात का साफ संकेत है कि यह आयोजन महज सामाजिक नहीं, बल्कि राजनीतिक जमीन तैयार करने की रणनीति भी है।
गांव में जगह-जगह इस कार्यक्रम के पोस्टर और प्रचार ने माहौल को और गरमा दिया है।
गांव में क्या है चर्चा?
ग्रामीणों का कहना है कि “होली मिलन तो बस एक बहाना है, असली मकसद अपनी पकड़ और जलवा दिखाना है।”
कई लोग इसे “चुनावी शक्ति प्रदर्शन” करार दे रहे हैं, जहां भीड़ जुटाकर आगामी ग्राम प्रधान चुनाव के लिए माहौल बनाया जा रहा है।
सियासी समीकरण तेज
इस आयोजन के जरिए आयोजक अपने समर्थकों को एकजुट कर विपक्ष को यह संदेश देना चाहते हैं कि मैदान में उनकी पकड़ मजबूत है। प्रीतिभोज और बड़े स्तर के आयोजन से वोटरों को साधने की कोशिश भी साफ झलक रही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि रंगों के इस उत्सव के पीछे छिपी सियासत गांव की जनता पर कितना असर डालती है। फिलहाल, जखनियां का यह “होली मिलन समारोह” चर्चा का केंद्र बन चुका है—जहां रंगों से ज्यादा सियासी रंग गहराता नजर आ रहा है।





