सुनील गुप्ता
गाजीपुर।
पूर्वांचल के गाजीपुर जनपद में स्थित महर्षि विश्वामित्र स्वशासीय मेडिकल कॉलेज का आधुनिक ब्लड बैंक अब जनपद ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा बन गया है। उच्च स्तरीय उपकरणों, प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों और सुव्यवस्थित ब्लड मैनेजमेंट सिस्टम के कारण यह ब्लड बैंक हजारों मरीजों के लिए जीवनदान का केंद्र बन चुका है।
कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डॉ. आनंद मिश्रा ने पूर्वांचल न्यूज़ डॉट कॉम को बताया कि, “पूर्व में ब्लड बैंक में केवल सीमित मात्रा में सामान्य रक्त संग्रह होता था, जिसे मरीजों के परिजनों से लेकर उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन अब ब्लड बैंक में आधुनिक तकनीक पर आधारित मशीनें, सेपरेशन यूनिट, कोल्ड स्टोरेज, और जांच लैब की व्यवस्था है। इसकी कुल भंडारण क्षमता 300 यूनिट है।”
डेंगू महामारी में निभाई अहम भूमिका
डॉ. मिश्रा ने विशेष रूप से बताया कि डेंगू महामारी के समय जब मरीजों के शरीर में प्लेटलेट्स की भारी कमी हो जाती है, उस समय इसी ब्लड बैंक ने हजारों मरीजों को समय पर प्लाज्मा और प्लेटलेट्स उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाई। “हमारे यहां डेंगू से एक भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई, जो हमारी चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता का प्रमाण है,” उन्होंने बताया।
हर समय उपलब्ध चिकित्सक, सतत निगरानी
ब्लड बैंक में दो विशेषज्ञ चिकित्सक एवं तकनीकी स्टाफ लगातार कार्यरत रहते हैं, जो ब्लड की क्वालिटी टेस्टिंग, सुरक्षित संग्रहण, और आवश्यकता अनुसार त्वरित वितरण सुनिश्चित करते हैं। प्रत्येक यूनिट की जांच और दस्तावेजीकरण आधुनिक सॉफ्टवेयर की सहायता से किया जाता है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनती है।
रक्तवीरों का सहयोग, समाजसेवी संस्थाओं का सराहनीय योगदान
डॉ. मिश्रा ने बताया कि समय-समय पर समाजसेवी संस्थाएं, छात्र संगठन और स्वयंसेवी रक्तदाता ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित करते हैं। इन शिविरों के माध्यम से सैकड़ों यूनिट रक्त एकत्र होता है, जो इमरजेंसी में बेहद सहायक साबित होता है। “ये रक्तदाता असली जीवनदाता हैं,” उन्होंने कहा।
रक्त प्राप्ति की प्रक्रिया आसान, शुल्क नाममात्र
ब्लड बैंक से रक्त प्राप्त करने की प्रक्रिया अत्यंत सरल है। चिकित्सक की लिखित सलाह पर, नाममात्र के सरकारी शुल्क में मरीजों को रक्त, प्लाज्मा या प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया जाता है। इससे न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत मिलती है, बल्कि ब्लड बैंक की विश्वसनीयता भी बनी रहती है।
जनता से अपील
डॉ. मिश्रा ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि, “हर स्वस्थ व्यक्ति को नियमित अंतराल पर रक्तदान करना चाहिए। यह न सिर्फ मानवता की सेवा है, बल्कि आपके द्वारा दिया गया रक्त किसी की ज़िंदगी बचा सकता है।”





