सुनील गुप्ता
गाजीपुर, 27 मार्च 2025 – उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सफल 8 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विकास उत्सव संगोष्ठी एवं होली मिलन समारोह गाजीपुर में एक बड़े सियासी मंच में बदल गया। इस कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों के हजारों लोग जुटे, और आयोजक अरुण सिंह के नेतृत्व में इसे सफल बनाया गया।
हालांकि, इस भव्य आयोजन के बीच भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रामतेज पांडेय के एक बयान ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी। उन्होंने कहा—
“कश्मीर से धारा 370 हट चुकी है, लेकिन जब तक गाजीपुर से ‘धारा 370′ नहीं हटेगी, तब तक भाजपा का असली उदय नहीं होगा!”
क्या है गाजीपुर की ‘धारा 370’?
पांडेय के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में यह सवाल खड़ा कर दिया कि गाजीपुर में भाजपा के भीतर कौन-सी ‘धारा 370’ मौजूद है, जिसे
हटाने की जरूरत पांडेय जी महसूस कर रहे हैं?
“फर्जी मुकदमों से डराया गया, लेकिन मैं झुका नहीं” – अरुण सिंह
कार्यक्रम के आयोजक और पूर्व कापरोटी बैंक के चेयरमैन अरुण सिंह ने अपने संबोधन में कहा—
“सपा सरकार के दौरान जब मैंने गुंडों और माफियाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी, तो मुझ पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए। लेकिन मैं न डरा, न झुका। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गाजीपुर की राजनीति बदल रही है और मैं समाज में भाईचारा बढ़ाने के लिए संकल्पबद्ध हूं।”
अरुण सिंह का जनता से जुड़ाव
अरुण सिंह ने इस कार्यक्रम में भी अपनी खास शैली बनाए रखी—हर व्यक्ति से व्यक्तिगत रूप से मिलकर, हालचाल पूछकर और अपनापन दिखाकर जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ साबित की।
भाजपा में ‘बहुरूपियों’ का सवाल
रामतेज पांडेय ने अपने संबोधन में अरुण सिंह की सराहना करते हुए कहा—
“जब इस जिले में भाजपा को संभालने वाला कोई नहीं था, तब अरुण सिंह ने पार्टी को आगे बढ़ाया। लेकिन अब भाजपा में कुछ ‘बहुरूपिए’ घुस आए हैं, जो पार्टी की जड़ों को कमजोर कर रहे हैं।”
भव्य कार्यक्रम, बड़ी मौजूदगी
इस समारोह में जिले के विभिन्न ब्लॉक प्रमुख, व्यापार मंडल के पदाधिकारी, ग्राम प्रधान, और शहर-गांव के प्रतिष्ठित लोग मौजूद रहे। हजारों समर्थकों की भीड़ ने अरुण सिंह की लोकप्रियता को एक बार फिर साबित कर दिया।
क्या भाजपा में कोई बड़ा फेरबदल होने वाला है?
रामतेज पांडेय के ‘धारा 370’ बयान के बाद गाजीपुर की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्या भाजपा में कोई आंतरिक बदलाव होने वाला है? क्या पार्टी में नए समीकरण बन रहे हैं?
गाजीपुर में होली के रंग भले ही उतर जाएं, लेकिन इस बयान से सियासी पारा अभी लंबे समय तक चढ़ा रहेगा!





