डीएम अनुपम शुक्ला ने लिया जर्जर नियाव पुलिया मामले का संज्ञान, जांच के निर्देश
रिपोर्ट सुनील गुप्ता
शासन की अनदेखी या हादसे का इंतजार? बिरनो क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों से कांप रही जर्जर पुलिया
गाजीपुर। बिरनो थाना क्षेत्र के हंसराजपुर-भरसर संपर्क मार्ग पर स्थित वर्षों पुरानी नियाव पुलिया अब बड़े हादसे का संकेत देती नजर आ रही है। पुलिया की जॉइंट में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, ऊपर की पिच उखड़ चुकी है और भारी वाहनों के गुजरते ही पूरी पुलिया कांपने लगती है। लगातार ओवरलोड ट्रकों, ट्रेलरों और डंपरों की आवाजाही से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बाद अब जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने मामले का संज्ञान लिया है। ग्रामीणों की शिकायत और पुलिया की जर्जर स्थिति की जानकारी मिलने पर डीएम अनुपम शुक्ला ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई कराने की बात कही है। डीएम के इस बयान के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि शासन स्तर पर अब इस गंभीर समस्या पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत ग्रामीण आवागमन के लिए बनाई गई थी, लेकिन आज इस मार्ग पर धड़ल्ले से ओवरलोड वाहन दौड़ रहे हैं। आरोप है कि बिरनो टोल प्लाजा का शुल्क बचाने के लिए भारी वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़क और पुलिया दोनों की हालत बद से बदतर होती जा रही है।
पूर्व जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी वाहनों की एंट्री रोकने के लिए हाइट गेज बैरियर लगवाया था। उस समय प्रशासन की कार्रवाई की सराहना हुई थी और ग्रामीणों को राहत मिली थी। लेकिन अब वह बैरियर हट चुका है, जिसके बाद फिर से भारी वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शासन द्वारा लगवाया गया बैरियर किसके आदेश पर हटाया गया और ओवरलोड वाहनों को दोबारा इस मार्ग पर चलने की छूट कैसे मिल गई।
नियाव पुलिया हंसराजपुर, जयरामपुर, भरसर समेत कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। यदि पुलिया क्षतिग्रस्त होकर बंद हो जाती है तो हजारों लोगों को करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इसका असर किसानों, व्यापारियों, छात्रों और आम यात्रियों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
चिंता की बात यह भी है कि इस मार्ग के किनारे कई स्कूल और शिक्षण संस्थान स्थित हैं। ऐसे में तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने, पुलिया की तकनीकी जांच कराने और मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
अब सबकी निगाहें जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की कार्रवाई पर टिकी हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।





