गाजीपुर: बिरनो थाने में दो पुलिसकर्मियों का भावुक विदाई समारोह, 60 वर्षों की सेवा को सलाम
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सुनील गुप्ता
गाजीपुर, 30 जून 2025 – गाजीपुर जिले के बिरनो थाना परिसर में आज एक भावुक और गरिमामय विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें दो वरिष्ठ पुलिसकर्मियों – उप निरीक्षक विजय नारायण राय और मुख्य आरक्षी चालक प्रमोद कुमार सिंह – को सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त किया गया। ये दोनों अधिकारी पुलिस विभाग में दशकों तक सेवा देने के बाद अब अपने कर्तव्यों से विराम ले रहे हैं।

36 वर्षों की निष्ठावान सेवा के बाद विदाई
उप निरीक्षक विजय नारायण राय (ना०पु० 892310720) ने दिनांक 15 जनवरी 1989 को आरक्षी पद से अपनी सेवा की शुरुआत की थी। अपने 36 वर्ष, 5 माह और 15 दिनों के सेवा काल में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करते हुए अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना का परिचय दिया। उनके कुशल नेतृत्व और शांतिपूर्ण व्यवहार ने न केवल पुलिस बल में बल्कि आम जनता में भी विश्वास अर्जित किया।
लगभग 40 वर्षों तक वाहन संचालन में निभाई अहम भूमिका
मुख्य आरक्षी चालक प्रमोद कुमार सिंह (नं० 842050371) ने 1 अक्टूबर 1984 को आरक्षी के पद से पुलिस सेवा की शुरुआत की थी। लगभग 39 वर्ष, 11 माह और 29 दिनों की लंबी सेवा अवधि में उन्होंने विभिन्न अधिकारियों के साथ मिलकर कठिन परिस्थितियों में भी प्रशासनिक संचालन और बल की गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका कार्य अत्यंत ही सराहनीय और अनुकरणीय रहा।
थानाध्यक्ष बालेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस विदाई समारोह में दोनों अधिकारियों को स्मृति चिन्ह, माला और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। मौके पर भावनात्मक माहौल रहा, जहां सहयोगियों ने अपने अनुभव साझा किए और दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को उनके आगे के जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर चौकी प्रभारी भरसर राकेश कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल मुंशीलाल, रामकृष्ण, पवन चौहान, पिंटू, दीपक चौहान, अमन, कमलेश कुमार, अमरेश, महिला कांस्टेबल श्वेता, पूर्णिमा सिंह, श्वेता सिंह, सावित्री, सुमित सहित समस्त थाना स्टाफ मौजूद रहा।
एक प्रेरणा बनकर विदा हुए दोनों अधिकारी
पूरे समारोह के दौरान यह स्पष्ट रूप से झलक रहा था कि विजय नारायण राय और प्रमोद कुमार सिंह ने केवल ड्यूटी निभाई नहीं, बल्कि एक मूल्य आधारित सेवा दृष्टिकोण के साथ अपने कार्यकाल को उदाहरण बना दिया। उनकी विदाई पुलिस बल के नए अधिकारियों और जवानों के लिए एक प्रेरणा स्वरूप रही।





