रिपोर्ट सुनील गुप्ता
गाजीपुर, 14 जून 2025।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गाजीपुर के 200 शैय्या चिकित्सालय, गोराबाजार में एक भव्य और प्रेरणादायी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर ने सामाजिक उत्तरदायित्व और मानव सेवा की भावना को एक नई ऊंचाई दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी श्री संतोष कुमार वैश्य ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद मिश्रा ने स्वयं रक्तदान करके एक सराहनीय मिसाल पेश की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, “रक्तदान एक महान पुण्य कार्य है जो न केवल किसी की जान बचा सकता है, बल्कि समाज में परस्पर सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।” उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
इस आयोजन में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने शिविर की व्यवस्था की निगरानी की और इसे सफल बनाने में पूर्ण सक्रियता दिखाई। डॉ. राजेश सिंह ने कहा, “हमारा प्रयास है कि गाजीपुर में रक्त की कमी से किसी मरीज की जान न जाए। मेडिकल कॉलेज का ब्लड बैंक हर समय तैयार रहे, यही हमारी प्राथमिकता है।” उनका नेतृत्व इस कार्यक्रम को व्यवस्थित और सटीक रूप देने में अहम साबित हुआ।
शिविर में डॉ. अभिषेक सिंह, सहायक आचार्य, ने अपनी 36वीं बार रक्तदान कर सभी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी इस सेवा भावना ने युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया।

इस रक्तदान शिविर में मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया और समाज सेवा में अपनी सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उप-प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) नीरज पाण्डेय, ब्लड बैंक चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनू यादव, व कॉलेज के कई अधिकारीगण, चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल रक्तदान के महत्व को उजागर करता है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक समाज के निर्माण की दिशा में चिकित्सा महाविद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। प्रिंसिपल डॉ. आनंद मिश्रा और सीएमएस डॉ. राजेश सिंह की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को अनुकरणीय और प्रभावशाली बना दिया।





