रिपोर्ट: सुनील गुप्ता
गाजीपुर: जिले में चल रही मिलावटखोरी की गाड़ी को खाद्य सुरक्षा विभाग ने जोरदार ब्रेक मारा है। जिले भर से लिए गए 16 खाद्य पदार्थों के नमूनों में 100% मिलावट पाई गई है! इन नमूनों को लखनऊ की प्रयोगशाला में भेजा गया था, और जब रिपोर्ट आई, तो अफसरों के होश उड़ गए।
एडीएम कोर्ट ने दिखाई सख्ती, ठोका ₹5.90 लाख का जुर्माना
मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सीधे एडीएम (वित्त एवं राजस्व) की अदालत का दरवाज़ा खटखटाया, जहाँ जुर्मानों की बारिश हुई। कोर्ट ने आदेश दिया – जुर्माना समय पर नहीं भरा, तो वसूली की कार्रवाई तय मानी जाए!
मिलावट के खिलाड़ियों की पूरी लिस्ट देखिए – कौन बेच रहा था क्या:
1. जितेंद्र यादव (इनवा, बिरनो): बिना पंजीकरण मिलावटी दूध – ₹40,000
2. अजय यादव (जीउपुर, जमानिया): मिलावटी बर्फी – ₹40,000
3. वीरेंद्र यादव (जेतपुरा): बिना पंजीकरण मिलावटी दूध – ₹40,000
4. रामबदन सिंह यादव (शहबाजकुली): मिलावटी दूध – ₹40,000
5. अमरुद्दीन कुरैशी (वार्ड-10, सादात): नियमविरुद्ध बकरे का मांस – ₹40,000
6. गौतम मद्देशिया (शादियाबाद मोड़): मिलावटी छेना – ₹40,000
7. संजय प्रसाद गुप्ता (देवल): मिलावटी छेना – ₹40,000
8. राजकुमार कुशवाहा (बड़सरा): मानकविहीन मूंगफली – ₹40,000
9. संजय यादव (चोचकपुर): मिलावटी बर्फी – ₹40,000
10. अशोक (वार्ड-8, सादात): मिश्रितविहीन बकरे का मांस – ₹40,000
11. उमेश सिंह कुशवाहा (छावनी लाइन): मिलावटी खोया – ₹40,000
12. ओमप्रकाश गुप्ता (बभनौली): मिलावटी सरसों तेल – ₹40,000
13. त्रिलोकी चा जायसवाल (खानपुर): मिलावटी बेसन – ₹40,000
14. संजय कुमार यादव (नारायनपुर): खराब साबुदाना – ₹10,000
15. अख़वी कुमार (फतेउल्लाहपुर): मिलावटी खाद्य पदार्थ – ₹50,000
16. सोनू कुमार गुप्ता (मुरुईनपुरा): मिलावटी खाद्य पदार्थ – ₹10,000
खाद्य सुरक्षा विभाग की चेतावनी:
“ये सिर्फ शुरुआत है। भविष्य में भी इसी तरह की सघन जांच जारी रहेगी। जो भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।”





