बाल दिवस पर पीएस इंटरनेशनल स्कूल पलिया के बच्चों का ऐतिहासिक भ्रमण — चुनार किला और सर्वेधाम की विरासत को करीब से जाना
रिपोर्ट सुनील गुप्ता
गाज़ीपुर/मिर्ज़ापुर, 15 नवम्बर।
बाल दिवस, जिसे बच्चों का सबसे बड़ा महापर्व कहा जाता है, के अवसर पर पीएस इंटरनेशनल स्कूल पलिया द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक सह-मनोरंजक भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बच्चों ने भारत की समृद्ध ऐतिहासिक धरोहर चुनार किला और धार्मिक-सांस्कृतिक आस्था स्थल सर्वेधाम का विस्तृत भ्रमण किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
ऐतिहासिक चुनार किले में बच्चों ने जाना शौर्य और स्थापत्य कला का इतिहास
भ्रमण के पहले पड़ाव चुनार किले में पहुंचे छात्रों को गाइड की मदद से किले के निर्माण, उसकी रणनीतिक स्थिति, मुगल और ब्रिटिश काल के ऐतिहासिक प्रसंगों से अवगत कराया गया। किले के अंदर मौजूद प्राचीन संरचनाएँ, तोपें, सुरक्षा चौकियाँ और आश्चर्यजनक वास्तुकला देखकर बच्चे बेहद उत्साहित दिखाई दिए।

शिक्षकों ने उन्हें बताया कि यह किला महाराजा विक्रमादित्य के समय से लेकर शेरशाह सूरी और मुगल शासन तक लंबे समय तक सामरिक रूप से महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है।
सर्वेधाम में सीखें आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा के मूल सिद्धांत
दूसरे चरण में छात्र सर्वेधाम पहुँचे, जहाँ बच्चों को भारतीय संस्कार, जीवन प्रबंधन और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया। धार्मिक उपदेशकों द्वारा बच्चों से संवाद कर उन्हें बताया गया कि अच्छे विचार, संतुलित जीवन और सकारात्मक सोच सफलता की कुंजी है।
बच्चों ने शांति और अनुशासन के साथ धार्मिक गतिविधियों को देखा और समझा कि शिक्षा केवल विद्यालय तक सीमित नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों से ही जीवन संवरता है।
बच्चों में दिखा उत्साह, यात्रा भर रही सीख और आनंद से भरी
यात्रा के दौरान बच्चों ने ऐतिहासिक किस्सों, कथाओं और विभिन्न जानकारी को बड़े मनोयोग से सुना। साथ ही साथी मित्रों के साथ आनंदपूर्वक समय बिताते हुए इस दिन को यादगार बनाया।
छात्रों ने कहा कि इस तरह के अध्ययन भ्रमण से पढ़ाई और भी रोचक हो जाती है और वे इतिहास की जानकारी को बिना किताबों के माध्यम से वास्तविक रूप में समझ पाते हैं।
विद्यालय प्रबंधन का संकल्प — शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास
विद्यालय के प्रबंधक अमित कुमार यादव ने कहा कि
“हमारा प्रयास है कि बच्चे सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि व्यवहार, जीवन कौशल और सामाजिक समझ में भी आगे रहें। हमें उन्हें ऐसा वातावरण देना चाहिए जहाँ वे अच्छे मार्गदर्शन के साथ अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें। हर बच्चा देश का भविष्य है और उसका सर्वांगीण विकास हमारा संकल्प है।”
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में ऐसे शैक्षणिक भ्रमण और अलग-अलग विषयों पर विशेष कार्यशालाएँ निरंतर आयोजित की जाएँगी, जिससे बच्चों के अंदर नई ऊर्जा और सीख विकसित हो सके।
शिक्षकों और अभिभावकों ने की सराहना
भ्रमण कार्यक्रम को सफल बनाने में स्कूल के सभी शिक्षकगणों का प्रयास सराहनीय रहा। अभिभावकों ने भी इस पहल की प्रशंसा की और कहा कि बच्चों को किताबों से परे जाकर वास्तविक दुनिया से
सीखने का अवसर मिला है।





