महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज गाजीपुर में “स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान” का शुभारंभ
रिपोर्ट,सुनील गुप्ता
गाजीपुर।
महिला स्वास्थ्य एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुधवार 17 सितम्बर 2025 को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने राष्ट्रव्यापी “स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान” का वर्चुअल शुभारंभ किया। इसी क्रम में गाजीपुर स्थित महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज महिला चिकित्सालय में इस अभियान की शुरुआत बड़े ही भव्य तरीके से की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सपना सिंह और विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती सरिता अग्रवाल रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति से दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों द्वारा फीता काटकर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.एन. चौधरी, कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) धनन्जय सिंह तथा कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. अंजली भी मंच पर मौजूद रहे।मुख्य अतिथि सपना सिंह ने कहा—“स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार की आधारशिला है। यदि महिलाएं स्वस्थ रहेंगी तो वे आने वाली पीढ़ी को भी स्वस्थ और सशक्त बनाएंगी। वास्तव में स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार है।”
विशिष्ट अतिथि श्रीमती सरिता अग्रवाल ने अपने विचार रखते हुए कहा—
“यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य, जागरूकता और जनभागीदारी को बढ़ावा देगा। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों की महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने में यह अभियान अहम भूमिका निभाएगा।”
कॉलेज प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आनंद मिश्रा ने कहा—
“महिला स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत आवश्यक है। एक स्वस्थ नारी ही परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत बनाती है।”
अभियान के अंतर्गत गतिविधियाँ
इस अभियान के तहत 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025 तक गाजीपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी कई गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं—
गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच एवं टीकाकरण।
जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविर।
उच्च जोखिम वाली महिलाओं के लिए टीबी की जांच।
ओरल कैंसर, स्तन कैंसर एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की स्क्रीनिंग।
स्त्री रोग, नेत्र रोग, त्वचा रोग, ईएनटी तथा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की परामर्श सेवाएँ।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग स्टाफ, छात्र-छात्राएँ और स्थानीय महिलाएँ मौजूद रहीं। कार्यक्रम में सभी ने एक स्वर से यह संकल्प लिया कि नारी स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को समाज की प्राथमिकता बनाना ही इस अभियान का मूल उद्देश्य होगा।





