सिधरा ग्रामसभा में मनरेगा घोटाले का बड़ा खेल, प्रधान–सचिव की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा चरम पर

गाजीपुर।
विकासखंड सैदपुर के ग्राम सभा सिधरा में मनरेगा के नाम पर भ्रष्टाचार का ऐसा खेल चल रहा है कि सुनकर ग्रामीण दंग रह जाएं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और सचिव की साठगांठ से योजनाओं को कागज़ों पर ही पूरा दिखाकर करोड़ों का सरकारी धन हजम किया जा रहा है।
मौके पर काम ठप – कागज़ों पर मजदूर व्यस्त
गांव के लोग बताते हैं कि मनरेगा से जुड़े कई काम महीनों से पूरी तरह बंद पड़े हैं। जहां खड़ंजा बिछने थे, वहां अब तक घास–फूस उग आई है। नाली की खुदाई का नाम तक नहीं है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि मस्टर रोल (हाजिरी रजिस्टर) में दर्जनों मजदूरों की उपस्थिति रोज़ दर्ज हो रही है।
एक ही फोटो से भर रहे हाजिरी
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान–सचिव की मिलीभगत से एक ही मजदूर का फोटो बार–बार अपलोड करके फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। यही नहीं, बिना पसीना बहाए ही मजदूरी का भुगतान ऑनलाइन खातों में कर दिया जा रहा है। नतीजा यह है कि गरीब मज़दूर रोज़गार गारंटी योजना के असली लाभ से वंचित हैं और भ्रष्ट अधिकारियों की जेब भर रही है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि बार–बार शिकायत करने के बावजूद न तो कोई जांच बैठी और न ही कोई कार्रवाई हुई। प्रशासन की खामोशी यह इशारा करती है कि ऊपर तक सबको इसकी खबर है, लेकिन लाभ की गंगा बहने के कारण कोई बोलने को तैयार नहीं।





