गाजीपुर में पशु चोरों का आतंक, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

गाजीपुर: गाजीपुर के शादियाबाद और हंसराजपुर क्षेत्र में पशु चोरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों में दहशत का माहौल है। चोरों ने एक बार फिर पुलिस को खुली चुनौती देते हुए युसुफपुर गांव में एक और घटना को अंजाम दिया है। इस बार चोरों ने समाजसेवी आलोक सिंह चमचम के घर के बाहर बंधी भैंस को चुरा लिया। इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है और पुलिस की कार्रवाई पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
चोरी की घटना और ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के अनुसार, युसुफपुर गांव के निवासी और जाने-माने समाजसेवी आलोक सिंह चमचम की भैंस को देर रात चोरों ने उनके घर के दरवाजे से चुरा लिया। सुबह जब परिवार वालों ने भैंस को गायब पाया, तो उनके होश उड़ गए। भैंस परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य साधन थी, और इसकी चोरी से परिवार को गहरा आघात लगा है।
आलोक सिंह ने तुरंत शादियाबाद पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से जल्द से जल्द उनकी भैंस को ढूंढने की गुहार लगाई। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
पुलिस पर निष्क्रियता के आरोप
क्षेत्र में चोरी की लगातार घटनाओं से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। लोगों का कहना है कि चोर कभी घरों के ताले तोड़कर चोरी करते हैं तो कभी मवेशी चुरा लेते हैं। ये घटनाएं अब रोजमर्रा की बात हो गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की गश्त और कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित है।
आलोक सिंह ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा, “भैंस सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि हमारे परिवार का सदस्य और हमारी आजीविका का साधन है। इसकी चोरी ने हमें पूरी तरह से तोड़ दिया है। अगर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो हम पशु प्रेमी और ग्रामीण मिलकर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।”
न्याय की उम्मीद और दहशत का माहौल
इस घटना के बाद युसुफपुर ही नहीं, पूरे शादियाबाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। लोग रात में जागकर अपने पशुओं की रखवाली करने को मजबूर हैं। ग्रामीण लगातार पुलिस प्रशासन पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर चोरों का यह आतंक कब खत्म होगा?
यह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है: क्या पुलिस प्रशासन इन पशु प्रेमियों को न्याय दिला पाएगा या चोर ऐसे ही खुलेआम अपनी वारदातों को अंजाम देते रहेंगे? स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की मांग की है ताकि इस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।





