गाजीपुर: जखनिया ब्लॉक में मनरेगा बना भ्रष्टाचार का अड्डा!
गाजीपुर जनपद के जखनिया ब्लॉक में मनरेगा योजनाओं में भ्रष्टाचार ग्राम सभा में फर्जी हाजिरी का खेल खुलेआम चल रहा है। कहीं फोटो से फोटो अपलोड हो रहा है तो कहीं एक ही मजदूर की तस्वीर बार-बार लगाकर हाजिरी पूरी की जा रही है। सवाल उठता है कि आखिर विभाग और ख्याल अधिकारियों ने क्यों साध रखी है चुप्पी? क्यों नहीं हो पा रही है कार्रवाई?
कैसे चल रहा है फर्जीवाड़ा?
प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक की लापरवाही (या कहें मिलीभगत) से मनरेगा का खेल इस कदर हावी है कि मजदूरों की असली मेहनत धरी की धरी रह जाती है।
एक ही फोटो बार-बार अपलोड कर हाजिरी की गिनती बढ़ाई जा रही है।
मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति का कोई सत्यापन नहीं किया जा रहा।
विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी बने हुए हैं मौन दर्शक।
ग्राम सभावार फर्जी हाजिरी का खुलासा
हथियाराम ग्राम सभा – 90 लोगों की हाजिरी
मोलनापुर उर्फ तालगांव – 90 लोगों की हाजिरी
शिवपुर – 100 लोगों की हाजिरी
परसपुर – 53 लोगों की हाजिरी
इन ग्राम सभाओं में कागज़ पर मजदूरों की लंबी फौज खड़ी कर दी गई है, जबकि हकीकत यह है कि ज्यादातर लोग काम पर पहुंचे ही नहीं।
विभाग पर उठ रहे सवाल
क्या विभागीय अधिकारी जानबूझकर इस घोटाले को नजरअंदाज कर रहे हैं?
क्या प्रधान और सचिव को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है?
आखिर क्यों नहीं हो रही इस बड़े खेल की खुली जांच?
जनता की मांग
गांव के लोग अब खुलकर सामने आने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही इस घोटाले की जांच कर कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
जखनिया ब्लॉक का मनरेगा अब रोजगार गारंटी नहीं बल्कि भ्रष्टाचार गारंटी योजना बन चुका है।
खंड विकास अधिकारी का आश्वासन
इस पूरे मामले पर जब खंड विकास अधिकारी (जखनिया) से टेलिफोनिक वार्ता की गई तो उन्होंने सख्त लहजे में कहा – “किसी भी कीमत पर फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”






