ग्राम प्रधान और सचिव की खुली लूट: गाजीपुर के दौलत नगर में मनरेगा कार्यों में बड़ा घोटाला उजागर
इस संबंध में टेलिफोनिक वर्ता के दौरान खंड विकास अधिकारी सादात ने बताया कि अगर गलत काम होता है जांच में दोषी पाए जाते हैं तो कार्रवाई होगी
गाजीपुर जिले के सादात विकासखंड के दौलत नगर ग्रामसभा से एक चौंकाने वाला मनरेगा घोटाला सामने आया है, जिसमें ग्राम प्रधान और सचिव की भूमिका संदेह के घेरे में है। यहां पर मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों में भारी वित्तीय अनियमितता पाई जा रही है।
ग्राम प्रधान और सचिव की मिलीभगत से चल रहा खेल
सूत्रों के अनुसार, ग्राम प्रधान और सचिव द्वारा एक मोबाइल से मजदूरों की पुरानी फोटो खींची जाती है, और उसी फोटो को दूसरे मोबाइल से अपलोड कर हाजिरी दर्ज कर दी जाती है। यह सारा फर्जीवाड़ा इस तरह किया जा रहा है जैसे काम स्थल पर मजदूरों की मौजूदगी हो, जबकि हकीकत यह है कि अधिकांश मजदूर काम पर जाते ही नहीं।

गरीबों के हक पर खुला डाका
इस पूरे प्रकरण में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव गरीब मजदूरों के हिस्से की मजदूरी खुद डकार रहे हैं। जिन लोगों को योजना के तहत रोजगार मिलना चाहिए, उनके नाम पर फर्जी हाजिरी लगा कर सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है। यह सरकारी योजना के साथ विश्वासघात है।
सवाल उठता है कि क्या प्रशासन ग्राम प्रधान और सचिव की इस लूट को यूं ही नजरअंदाज करता रहेगा?

क्या गरीब मजदूरों के साथ यह अन्याय यूं ही चलता रहेगा?
अब जरूरत है सख्त कार्रवाई की — ताकि सरकारी योजनाएं सही हाथों तक पहुंचे, न कि भ्रष्ट तंत्र के हवाले हों।





