Report -Pradeep Sharm
खबर गाजीपुर से है , जहां शहर मे सीवेज पाईप लाईन बिछाने के नाम पर कार्यदायी संस्था अपनी कार्य प्रणाली से आम लोगों की कब्र खोदने मे जुटी हुई है ।
ज्ञात हो कि शहर मे सीवेज पाइप लाइन बिछाने का काम लगभग तीन सालों के लम्बे समय से चल रहा है ।लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही से काम पूरा तो नही हुआ , बल्कि लोगों की जिन्दगी के साथ जरुर खिलवाड़ किया जा रहा है । सीवेज निर्माण कार्य मे शुरु से ही मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ायी जा रही है । पूरा काम मानक विहीन और धांधली भरा नजर आ रहा है । इतना ही नही सीवेज निर्माण कार्य के दौरान लोगों की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही भी बरती जा रही है । जब लोग इस मुद्दे को लेकर आपत्ति जताते है या काम दुरुस्त करने की फरियाद करते है तो कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार लोग समस्या के समाधान के बजाय स्थानीय लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे है । इस समस्या को लेकर लोगों ने कई बार जिला प्रशासन से भी गुहार लगायी , लेकिन जिम्मेदार अफसर की दिक्कतों को लेकर सोते नजर आ रहे है ।
ऐसा ही एक मामला गुरुवार को शहर के एक व्यस्ततम इलाके मे देखने को मिला , जब अचानक सड़क धंस गयी । गनीमत रही कि इस दुर्घटना मे कोई हताहत नही हुआ ।
बताया जा रहा है कि शहर के सब्जी मंडी इलाके के आगे के चौराहे पर छह माह पहले सीवेज पाइप लाइन बिछाने के लिये बड़ा गड्ढा खोदा गया था । तब से ही इस व्यस्ततम इलाके के लोगों का जीना दूभर हो चुका है । स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गड्ढे को कई बार भरा गया,और कुछ दिन बाद फिर कार्यदायी संस्था ने खोदा । इस दौरान लोगों की पेयजल पाइप लाइन और इलेक्ट्रिकल केबिल भी ध्वस्त कर दी गयी थी ।लोगों ने इन परेशानियों को किसी तरह झेल लिया।लेकिन लोगों की परेशानी बढ़ाने मे कार्यदायी संस्था कोई भी कोर – कसर नही छोड़ना चाहती है ।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले फिर से चौराहे पर सीवेज पाइप लाइन निर्माण के नाम पर एक बार फिर 10-15 फिट गहरा खोद दिया गया था ।जिस मे पानी भर गया।जिसके चलते लोगों को आवागमन मे भारी मुसीबत झेलनी पड़ रही है । इतना ही नही इसके चलते कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं । इन मुसीबतों को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार जिम्मेदार अफसरों से गुहार लगायी है । लेकिन मामला ढाक के तीन पात ही बना रहा ।
इसी बीच गुरुवार को बनी हुई सड़क अचानक से फिर धसने लगी और पानी से भरे गड्ढे के रूप में तब्दील हो गई , आसपास की सड़क भी धंस गयी । गनीमत ही रही कि इस दौरान कोई हादसा नही हुआ । लोगों ने मामले की शिकायत जिम्मेदार अफसरों से की , तो एक एडिशनल एसडीएम मौका मुआयना करने पहुंचे , मगर उनके आने से पहले ही कई ट्रैक्टर बालू वहां उस सड़क के गड्ढों को भरने के लिए गिरवाया गया जिससे कोई यह न कहे की मौके पर बहुत ही ज्यादा गढ्ढा है ।
इतना ही नहीं आम लोगों की समस्याओं को दूर करने के बजाय वो निर्माण कार्य कर रही संस्था की लापरवाही का विरोध करने और समस्या के निस्तारण करने की मांग करने वालों को ही धमकी भरे अंदाज मे खामोश करते नजर आये । इतना ही नही मामले की कवरेज कर रहे एक पत्रकार ने पूछा की सर इस पर क्या कार्यवाही आपके द्वारा की जा रही है बस इतना बता दें तो वे उलझ पड़े और सरकारी काम में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में थाने में बैठाने व पत्रकार को देख लेने की धमकी देने लगे । पत्रकार के कड़े रुख के बाद अफसर महोदय लोगों को कोरा आश्वासन देते हुये मौके से समझा – बुझाकर खिसक गये । जबकि सड़क धंस जाने के बाद आसपास के लोगों को अपने घर गिरने और अपनी जानमाल की आशंका सता रही है।ऐसे मे इस समस्या को लेकर जिम्मेदार अफसरों की नींद कब टूटेगी ये एक बहुत ही बड़ा सवाल है ।
वहां के स्थानीय लोगो की माने तो यह सड़क नगर का मुख्य मार्ग है बनने के बाद भी तीसरी या चौथी बार अचानक से ही धंस गई , सरकार या जिला प्रशासन क्या अभी तक सो रही है , क्यों नहीं कोई कठोर कार्यवाही हो रही , क्या प्रशासन किसी बड़ी अप्रिय घटना का इंतजार कर रही है । अगर ऐसा है तो इसका जवाब आने वाले लोकसभा चुनाव में हम लोग देंगे । स्थानीय लोगो ने बतलाया की पिछले कई महीनों से इसका असर सीधे – सीधे असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है पिछले कई महीनों से हम घर बैठ कर अपनी जमा पूंजी को ही खर्च करके खा रहे है अगर यही रवैया रहा तो हमे अपना घर द्वार तक बेच कर खाना होगा या फिर हमेशा के लिए कहीं और जाना पड़ेगा ।
स्थानीय लोगो ने यह भी कहा की यह समस्या सिर्फ यही नहीं है बल्कि आप देख सकते है चीतनाथ ,स्टीमर घाट , टाउन हाल , प्रकाश टाकीज , ल्लालदारवाजा , कोतवाली , मिश्रबाजर , अफीम फैक्ट्री , गोराबाजार समेत अन्य कई इलाकों की भी स्थिति यही है





